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रील देखकर घर में छापने लगा नकली नोट, राजकोट का सब्जीवाला ऐसे पकड़ा गया

कर्ज से परेशान युवक ने सोशल मीडिया पर शॉर्टकट खोजा, लेकिन क्राइम ब्रांच और SOG की छापेमारी ने पूरा खेल खोल दिया।

EngBen संपादकीय टीम ·
प्रतीकात्मक चित्र (AI से बनाया गया)। यह किसी वास्तविक घटना, व्यक्ति या वाहन की तस्वीर नहीं है।

मुख्य बातें

  • आरोपी किशन सोलंकी को राजकोट क्राइम ब्रांच और SOG ने घर पर छापा मारकर पकड़ा।
  • 100 रुपये के 216 और 500 रुपये के 3 नकली नोट बरामद हुए।
  • इंस्टाग्राम रील से संपर्क हुआ और टेलीग्राम पर कथित ट्रेनिंग दी गई।

एक रील, और शुरू हुआ अपराध का रास्ता

गुजरात के राजकोट से आई यह खबर बताती है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर 'कमाई का तरीका' कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस के अनुसार माडाडुंगर इलाके में रहने वाले 30 वर्षीय किशन सोलंकी ने करीब छह महीने पहले इंस्टाग्राम पर एक रील देखी थी, जिसमें नकली नोट बनाने का तरीका संक्षेप में बताया गया था। रील डालने वाले व्यक्ति ने ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करने को कहा था।

आरोपी लगभग डेढ़ महीने तक उस अकाउंट को मैसेज करता रहा। जवाब मिलने के बाद बातचीत टेलीग्राम पर चली गई, जहां उसे वीडियो के जरिए नोट डिजाइन करने और फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर चलाने की 'ट्रेनिंग' दी गई।

छापे में क्या-क्या मिला

राजकोट सिटी क्राइम ब्रांच और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना पर घर पर छापा मारा। पुलिस ने 100 रुपये के 216 और 500 रुपये के 3 नकली नोट बरामद किए। इसके अलावा एक कंप्यूटर, मॉनिटर, दो प्रिंटर, लेमिनेटर हीटर मशीन, बटर पेपर और छपे हुए कागज भी जब्त किए गए। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 65,500 रुपये आंकी गई है।

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कर्ज, लालच और 'गुरु' का ऑफर

शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कम कमाई के कारण उस पर कर्ज चढ़ गया था। पुलिस के मुताबिक ट्रेनिंग देने वाले व्यक्ति ने हर 10,000 रुपये के नकली नोट के बदले 3,000 रुपये असली देने की बात कही थी। रिपोर्टों में इस कथित ट्रेनर की पहचान मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति के रूप में बताई गई है, जिसकी तलाश की जा रही है।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार आरोपी ने पिछले कुछ महीनों में 100 रुपये के कुछ नकली नोट बाजार और मेले में खर्च भी किए। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नोट कहां-कहां पहुंचे और उपकरण कहां से खरीदे गए।

इस गलती से आप भी फंस सकते हैं

नकली नोट बनाना ही नहीं, जानबूझकर उन्हें चलाना या रखना भी गंभीर अपराध है। इसलिए छोटे दुकानदार और ग्राहक दोनों सावधान रहें। नोट लेते समय वॉटरमार्क, सुरक्षा धागा, रंग बदलने वाली स्याही और छपाई की बारीकी जरूर देखें। शक होने पर नोट लौटाएं और नजदीकी बैंक या पुलिस को जानकारी दें।

सबसे बड़ी सीख यह है कि सोशल मीडिया पर 'जल्दी पैसा' का दावा करने वाले अकाउंट से दूरी रखें। ऐसे संदेश अक्सर अपराध या ठगी का दरवाजा होते हैं। अगर आपको कोई ऐसी रील या चैनल दिखे, तो प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

आगे क्या

यह मामला अभी जांच के दौर में है और आरोपों का फैसला अदालत में होगा। पुलिस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

स्रोत और आगे पढ़ें

यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों की जानकारी के आधार पर EngBen ने अपने शब्दों में तैयार किया है। आरोपित व्यक्ति अदालत में दोष साबित होने तक निर्दोष माने जाते हैं। कीमतें एक्स-शोरूम हैं और बदल सकती हैं।

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