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रबी में भारी खर्च से बचें: महाराष्ट्र के कृषि मंत्री की किसानों को सीधी सलाह

खरीफ फसलें ज्यादातर इलाकों में मुरझा चुकी हैं, और अब सूखे का खतरा रबी तक फैल रहा है।

EngBen संपादकीय टीम ·
प्रतीकात्मक चित्र (AI से बनाया गया)। यह किसी वास्तविक घटना, व्यक्ति या वाहन की तस्वीर नहीं है।

मुख्य बातें

  • कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने रबी में भारी निवेश से बचने की सलाह दी।
  • कम पानी और कम लागत वाली फसल किस्में चुनने पर जोर।
  • किसान संगठनों ने रबी के लिए अलग राहत पैकेज की मांग की।

मंत्री की चेतावनी

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बुधवार को किसानों को आगामी रबी बुवाई में भारी निवेश से बचने की सलाह दी। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार उन्होंने कहा कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में खरीफ फसलें मुरझा चुकी हैं और सूखे का खतरा अब रबी सीजन तक बढ़ रहा है।

भरणे दिल्ली में रबी सीजन पर हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि किसान अक्टूबर में मानसून की वापसी के दौरान बारिश की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन कठिन सीजन के लिए तैयार रहना होगा।

कम पानी, कम लागत वाली फसलें

मंत्री ने किसानों से ऐसी फसल किस्में चुनने को कहा जिन्हें कम पानी चाहिए और जिनमें बीज-खाद जैसे इनपुट पर कम खर्च हो। उन्होंने कहा कि ऊंचे जोखिम वाले निवेश से बचना चाहिए और कृषि विभाग पूरे सीजन समय पर सलाह जारी करने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल कर रहा है।

राज्य कृषि विभाग बदलते मौसम के आधार पर फसल-विशेष सलाह भी तैयार कर रहा है।

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किसान संगठनों की मांग

किसान संगठनों का कहना है कि सिर्फ सलाह काफी नहीं है। उन्होंने रबी सीजन के लिए अलग राहत पैकेज की मांग की है। मराठवाड़ा के एक किसान कार्यकर्ता ने कहा कि वे पहले से ही किसानों को बीज और खाद पर ज्यादा खर्च न करने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि पानी का संकट और गहरा सकता है।

इसी बीच केंद्र सरकार ने गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम समेत छह रबी फसलों का MSP बढ़ाया है।

बुवाई से पहले यह जांच जरूर करें

अपने कुएं या बोरवेल में पानी का स्तर देखें और अनुमान लगाएं कि पूरी फसल अवधि में कितनी सिंचाई संभव है। अगर पानी केवल दो-तीन सिंचाई का है, तो चना, कुसुम या कुछ किस्मों की सरसों जैसे विकल्प बेहतर हो सकते हैं।

कर्ज लेकर महंगे बीज या खाद खरीदने से पहले सोचें। फसल बीमा कराएं और मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें। गांव स्तर पर सामूहिक रूप से पानी बचाने के उपाय, जैसे खेत तालाब, भी मदद कर सकते हैं।

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

ऐसे साल में जोखिम कम करना ही समझदारी है। सरकार की राहत घोषणाओं के लिए स्थानीय कृषि कार्यालय से जुड़े रहें।

स्रोत और आगे पढ़ें

यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों की जानकारी के आधार पर EngBen ने अपने शब्दों में तैयार किया है। आरोपित व्यक्ति अदालत में दोष साबित होने तक निर्दोष माने जाते हैं। कीमतें एक्स-शोरूम हैं और बदल सकती हैं।

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