कमजोर मानसून की चोट: धान की पैदावार घटी, त्योहारी सीजन में गांवों की खरीदारी पर संकट
करनाल के दुकानदार से लेकर हरियाणा के किसान तक, सबकी नजर अगले तीन महीनों पर है।
मुख्य बातें
- 2015 के बाद सबसे कमजोर मानसून से धान की पैदावार घटी।
- किसानों के अनुसार खाद और रसायन पर खर्च बढ़ा।
- ग्रामीण खपत घटने और महंगाई का असर RBI के लिए भी चिंता का विषय।
खेत से बाजार तक असर
इस साल के कमजोर मानसून का असर अब खेतों से निकलकर बाजारों तक पहुंचने लगा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट (बिजनेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित) के अनुसार उत्तर भारत के अनाज बेल्ट, जिसमें हरियाणा भी शामिल है, में किसान फसल मंडी ला रहे हैं, लेकिन इस बार धान की पैदावार कम है और लागत बढ़ी है।
किसानों का कहना है कि उत्पादन नुकसान रोकने के लिए उन्हें ज्यादा रसायन और खाद डालनी पड़ी।
दुकानदारों की बढ़ी धड़कन
रिपोर्ट में करनाल के एक साड़ी दुकानदार का उदाहरण दिया गया है, जिनका परिवार 1970 के दशक से दुकान चला रहा है। मानसून के बाद के महीने उनके लिए सबसे व्यस्त होते हैं, क्योंकि किसान परिवार शादियों और त्योहारों की तैयारी करते हैं। उनका कहना है कि अगले तीन महीने ही पूरे साल का मुनाफा तय करते हैं।
ग्रामीण इलाकों में फसल की कमाई ही ट्रैक्टर से लेकर शादी के सोने तक की खरीदारी तय करती है।
महंगाई और RBI की चिंता
मानसून देश की सालाना बारिश का लगभग 75% हिस्सा लाता है, और देश की करीब आधी खेती ही सिंचित है। कमजोर फसल का असर सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं रहता। ग्रामीण खपत घटने और कीमतें बढ़ने का असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। रिपोर्ट के अनुसार यह अगले हफ्ते बैठक करने वाले भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी चिंता का विषय है।
परिवार का बजट बचाने के उपाय
ऐसे साल में किसान परिवारों को खर्च की योजना सोच-समझकर बनानी चाहिए। त्योहारी ऑफर और आसान किस्तों के लालच में ऊंचे ब्याज वाला कर्ज लेने से बचें। जरूरी खर्च पहले और दिखावे वाले खर्च बाद में रखें।
अगर फसल नुकसान हुआ है तो फसल बीमा दावा, सरकारी राहत और किसान क्रेडिट कार्ड की शर्तों की जानकारी लें। छोटे दुकानदार भी उधार पर ज्यादा माल देने से पहले जोखिम का आकलन करें।
आगे की तस्वीर
त्योहारी सीजन की बिक्री, रबी बुवाई और सर्दियों की बारिश मिलकर तय करेंगे कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था इस झटके से कितनी जल्दी उबरती है।
आपके सवाल
मानसून कितनी बारिश लाता है?
देश की सालाना बारिश का लगभग 75% हिस्सा।
किसान परिवार खर्च कैसे संभालें?
ऊंचे ब्याज वाले कर्ज से बचें और जरूरी खर्च को प्राथमिकता दें।
स्रोत और आगे पढ़ें
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों की जानकारी के आधार पर EngBen ने अपने शब्दों में तैयार किया है। आरोपित व्यक्ति अदालत में दोष साबित होने तक निर्दोष माने जाते हैं। कीमतें एक्स-शोरूम हैं और बदल सकती हैं।