हिंदी समाचार › क्राइम
क्राइम

हाथरस डबल मर्डर: 350 CCTV खंगाले, दूसरी पत्नी पर साजिश का आरोप

सात पुलिस टीमों ने 72 घंटे में केस सुलझाने का दावा किया; दो आरोपी अब भी फरार बताए गए।

EngBen संपादकीय टीम ·
प्रतीकात्मक चित्र (AI से बनाया गया)। यह किसी वास्तविक घटना, व्यक्ति या वाहन की तस्वीर नहीं है।

मुख्य बातें

  • सादाबाद में रिटायर्ड सैनिक शमसुद्दीन और उनकी पहली पत्नी की हत्या।
  • सात पुलिस टीमों ने करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
  • पुलिस का आरोप है कि दूसरी पत्नी ने कथित प्रेमी के साथ संपत्ति के लिए साजिश रची।

रात में घर के अंदर वारदात

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र में 26-27 सितंबर की रात 62 वर्षीय रिटायर्ड सैनिक शमसुद्दीन और उनकी पहली पत्नी (56) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। वारदात इस्लामनगर मोहल्ले में उनके घर में हुई।

पुलिस के अनुसार हमलावर हत्या के बाद सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान भी ले गए।

350 कैमरों से मिला सुराग

पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि केस सुलझाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वॉड समेत सात टीमें बनाई गईं। जांचकर्ताओं ने करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

मुखबिर की सूचना पर दो आरोपियों को हाथरस-आगरा रोड पर एक बंद ढाबे के पास मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा गया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार बाद में मृतक की दूसरी पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया। कुछ चोरी हुआ सामान बरामद होने की भी बात कही गई है।

विज्ञापन

पुलिस का दावा: संपत्ति के लिए साजिश

PTI के अनुसार पुलिस का आरोप है कि शमसुद्दीन की दूसरी पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर दंपति को रास्ते से हटाने की साजिश रची, ताकि संपत्ति पर कब्जा हो सके और दोनों साथ रह सकें। कथित प्रेमी और एक अन्य सहयोगी की तलाश जारी है।

यह पुलिस का पक्ष है। आरोपियों को अदालत में अपना बचाव पेश करने का पूरा अधिकार है।

संपत्ति विवाद: समय रहते उठाएं ये कदम

परिवारों में संपत्ति को लेकर तनाव अक्सर लंबे समय तक दबा रहता है और कभी-कभी खतरनाक रूप ले लेता है। कानूनी जानकार सलाह देते हैं कि वसीयत, नामांकन और संपत्ति के कागजात स्पष्ट और अद्यतन रखें, ताकि बाद में भ्रम न हो।

अगर परिवार के किसी सदस्य से धमकी मिले या खतरा महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें। स्थानीय थाने में शिकायत और भरोसेमंद लोगों को जानकारी देना जरूरी सुरक्षा कदम हैं।

तकनीक बनी पुलिस की ताकत

इस मामले में सीसीटीवी नेटवर्क और डिजिटल सुरागों ने जांच को तेज किया। मोहल्लों और बाजारों में लगे कैमरे अपराध सुलझाने में अब बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

आपके सवाल

वारदात कब हुई?

26 और 27 सितंबर की दरमियानी रात इस्लामनगर मोहल्ले में।

स्रोत और आगे पढ़ें

यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों की जानकारी के आधार पर EngBen ने अपने शब्दों में तैयार किया है। आरोपित व्यक्ति अदालत में दोष साबित होने तक निर्दोष माने जाते हैं। कीमतें एक्स-शोरूम हैं और बदल सकती हैं।

विज्ञापन

ये खबरें भी पढ़ें