अल नीनो का डर: सरकार ने घटाया खाद्यान्न लक्ष्य, रबी के लिए 177.72 मिलियन टन
देश के आधे से ज्यादा हिस्से में सूखे जैसे हालात के बीच पानी बचाने वाली फसलों पर जोर।
मुख्य बातें
- 2026-27 का खाद्यान्न लक्ष्य 373.93 मिलियन टन, पिछले अनुमान से 2.63 मिलियन टन कम।
- रबी सीजन के लिए 177.72 मिलियन टन का लक्ष्य।
- राज्यों से पानी के बजट के आधार पर जिला स्तर की रबी योजना बनाने को कहा गया।
लक्ष्य में कटौती क्यों
गहराते अल नीनो और कई राज्यों में सूखे के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 2026-27 के लिए देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य 373.93 मिलियन टन तय किया है। डाउन टू अर्थ के अनुसार यह 2025-26 के अनुमानित उत्पादन से 2.63 मिलियन टन कम है।
इसमें से आगामी रबी सीजन के लिए 177.72 मिलियन टन का लक्ष्य रखा गया है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
राज्यों से आए लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि ये लक्ष्य जलाशयों में पानी, मिट्टी की नमी और राज्यों से परामर्श के आधार पर तय किए गए हैं। उनका कहना था कि अगर यह लक्ष्य हासिल हो गया तो यह बड़ी उपलब्धि होगी।
राज्यों और जिलों से कहा गया है कि वे पानी के बजट और मिट्टी की नमी के आधार पर जिला स्तर की रबी फसल योजना तैयार करें। महाराष्ट्र और कर्नाटक ने केंद्र से सहायता भी मांगी है।
ज्यादा पानी वाली फसलों से दूरी
सरकार कम बारिश वाले क्षेत्रों में, जहां जलाशयों का स्तर और मिट्टी की नमी कम है, पानी की ज्यादा खपत वाली फसलों से बचने और दलहन-तिलहन को बढ़ावा देने की नीति पर चल रही है। यही संकेत रबी MSP में भी दिखा, जहां सरसों, मसूर और कुसुम को ज्यादा बढ़ोतरी मिली।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार कृषि मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि करीब 12% बारिश की कमी के बावजूद खरीफ खाद्यान्न उत्पादन में बड़ी गिरावट की आशंका नहीं है।
आपके खेत के लिए इसका मतलब
अगर आपके जिले में पानी कम है, तो कृषि विभाग की जिला योजना में सुझाई गई फसलों पर ध्यान दें। इससे बीज, खाद और खरीद व्यवस्था में सरकारी समर्थन मिलने की संभावना बेहतर रहती है।
बुवाई से पहले मिट्टी की जांच करवाएं और सिंचाई के लिए पानी का हिसाब लगाएं। कम पानी में अच्छी पैदावार देने वाली उन्नत किस्मों के बारे में कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें।
खाद्य सुरक्षा पर नजर
खाद्यान्न लक्ष्य सिर्फ आंकड़ा नहीं है; इसका असर राशन, बाजार भाव और महंगाई पर भी पड़ता है। आने वाले महीनों में अल नीनो का असर और सर्दियों की बारिश अहम भूमिका निभाएंगे।
स्रोत और आगे पढ़ें
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों की जानकारी के आधार पर EngBen ने अपने शब्दों में तैयार किया है। आरोपित व्यक्ति अदालत में दोष साबित होने तक निर्दोष माने जाते हैं। कीमतें एक्स-शोरूम हैं और बदल सकती हैं।