किसानों के लिए 1,200 करोड़ मंजूर: पश्चिम बंगाल को सबसे ज्यादा, जानिए आपके राज्य को कितना
रबी अभियान 2026 के राष्ट्रीय सम्मेलन में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की।
मुख्य बातें
- PM-RKVY के तहत 10 राज्यों को 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा मंजूर।
- पश्चिम बंगाल को 290, हरियाणा को 198 और छत्तीसगढ़ को 181 करोड़ रुपये।
- घोषणा रबी अभियान 2026 के राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में हुई।
किसे कितना पैसा मिला
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत 10 राज्यों के लिए 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मंजूर की है। FNB News के अनुसार पश्चिम बंगाल को सबसे ज्यादा 290 करोड़ रुपये मिले। इसके बाद हरियाणा को 198 करोड़ और छत्तीसगढ़ को 181 करोड़ रुपये मिले।
अरुणाचल प्रदेश को 154 करोड़, बिहार को 114 करोड़, कर्नाटक को 104 करोड़, मिजोरम को 75 करोड़, हिमाचल प्रदेश को 64 करोड़, झारखंड को 58 करोड़ और पंजाब को 43 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
घोषणा कहां हुई
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन - रबी अभियान 2026 के दूसरे दिन की। इसमें राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक शामिल हुए।
चौहान ने खाद्य सुरक्षा मजबूत करने और किसानों की आजीविका सुधारने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया।
सरकार के दावे
मंत्री ने कहा कि सरकार केवल नीति बनाने पर नहीं, बल्कि समय पर संसाधन उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है, ताकि योजनाएं बिना देरी लागू हों। उनके अनुसार कृषि विकास दर 2015 के 3% से बढ़कर 4.5% हुई है और खाद्यान्न उत्पादन की औसत वार्षिक वृद्धि लगभग 40 लाख टन से बढ़कर 84 लाख टन हो गई है।
किसान को इससे क्या मिलेगा
RKVY एक लचीली योजना है, जिसके तहत राज्य अपनी जरूरत के हिसाब से कृषि परियोजनाएं चलाते हैं। इसमें सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य, बागवानी, कृषि मशीनरी, भंडारण, प्रसंस्करण और कृषि स्टार्टअप जैसे काम शामिल हो सकते हैं। यानी इसका सीधा पैसा किसान के खाते में नहीं आता, बल्कि गांव-जिले स्तर की सुविधाओं में लगता है।
अपने जिले के कृषि अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र से पूछें कि RKVY के तहत आपके इलाके में कौन सी योजनाएं चल रही हैं। कई बार मशीनरी सब्सिडी या प्रशिक्षण कार्यक्रम में आवेदन की समय सीमा कम होती है, इसलिए जानकारी समय पर लें।
आगे की नजर
असली परीक्षा यह होगी कि यह पैसा कितनी तेजी और पारदर्शिता से जमीन पर खर्च होता है, खासकर ऐसे साल में जब कई राज्य कमजोर मानसून से जूझ रहे हैं।
स्रोत और आगे पढ़ें
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों की जानकारी के आधार पर EngBen ने अपने शब्दों में तैयार किया है। आरोपित व्यक्ति अदालत में दोष साबित होने तक निर्दोष माने जाते हैं। कीमतें एक्स-शोरूम हैं और बदल सकती हैं।