पहलगाम हमले का वांछित आतंकी हाशिम मूसा बडगाम मुठभेड़ में ढेर
सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के संयुक्त अभियान में यूसमर्ग के कोरग इलाके में मुठभेड़ हुई।
मुख्य बातें
- लश्कर का पाकिस्तानी आतंकी हाशिम मूसा बडगाम के यूसमर्ग इलाके में मुठभेड़ में मारा गया।
- सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF का संयुक्त ऑपरेशन।
- वह अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले में वांछित था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
यूसमर्ग में संयुक्त ऑपरेशन
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार यह कार्रवाई भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने मिलकर यूसमर्ग के कोरग इलाके में की।
सेना की चिनार कोर के मुताबिक उसका शव पालमैदान के इलाके से बरामद हुआ, जहां से हथियार और युद्ध सामग्री भी मिली।
पहलगाम हमले से जुड़ा नाम
हाशिम मूसा 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में वांछित था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। सुरक्षा एजेंसियां उसे इस हमले के प्रमुख संदिग्धों में गिनती थीं और जम्मू-कश्मीर में अन्य हमलों से भी उसका नाम जोड़ा गया था।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एस.पी. वैद ने उसे बेहद प्रशिक्षित आतंकी बताया और कहा कि पुंछ क्षेत्र समेत कई हमलों में उसके निशान मिले थे।
सेना से संबंध के दावे की जांच
रिपोर्टों में सुरक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि मूसा पहले पाकिस्तान के एक विशेष सैन्य दस्ते से जुड़ा रहा था और जंगल युद्ध में माहिर था। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, और एजेंसियां उसकी पृष्ठभूमि की विस्तार से जांच कर रही हैं।
पीड़ित परिवारों के लिए क्या मायने
पहलगाम हमले में अपनों को खोने वाले परिवारों के लिए यह खबर भावनात्मक रूप से अहम है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मुख्य संदिग्धों का खात्मा आतंकी नेटवर्क की क्षमता को कमजोर करता है, हालांकि नेटवर्क के बाकी सदस्यों और मददगारों तक पहुंचना भी उतना ही जरूरी है।
घाटी में पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिए सुरक्षा का माहौल बेहद अहम है। सुरक्षाबल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि आम लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अफवाहों से बचें
इस तरह की घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर कई बिना पुष्टि वाले वीडियो और दावे फैलते हैं। केवल सेना, पुलिस या विश्वसनीय समाचार स्रोतों की जानकारी पर भरोसा करें।
आपके सवाल
शव कहां से बरामद हुआ?
चिनार कोर के अनुसार पालमैदान के इलाके से, हथियारों के साथ।
क्या उसके सैन्य संबंध की पुष्टि हुई है?
रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा है, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
स्रोत और आगे पढ़ें
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों की जानकारी के आधार पर EngBen ने अपने शब्दों में तैयार किया है। आरोपित व्यक्ति अदालत में दोष साबित होने तक निर्दोष माने जाते हैं। कीमतें एक्स-शोरूम हैं और बदल सकती हैं।