लोहगढ़ किले से धक्का देकर हत्या? 5,053 पन्नों की चार्जशीट में चौंकाने वाले दावे
नवंबर में होनी थी शादी; पुलिस का दावा है कि साजिश कई हफ्तों तक रची गई।
मुख्य बातें
- केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।
- मंगेतर सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे आरोपी।
- चार्जशीट में बेंगलुरु योजना, फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल और AI चैटबॉट के इस्तेमाल का आरोप।
शादी से पहले मौत
महाराष्ट्र के लोहगढ़ किले पर 25 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। केतन और उनकी मंगेतर सिया गोयल की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर में जयपुर में शादी तय थी।
पुलिस का आरोप है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को किले की खाई में धक्का दिया। इस मामले में रितेश हांगे नाम के तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।
बेंगलुरु वाली कथित योजना
चार्जशीट के अनुसार हत्या से पहले आरोपियों ने केतन को बेंगलुरु ले जाकर गंभीर चोट पहुंचाने की योजना पर चर्चा की थी। रिपोर्टों के मुताबिक बेंगलुरु के जिस व्यक्ति से संपर्क किया गया, उसने इनकार कर दिया और बाद में उसे गवाह बनाया गया।
पुलिस का दावा है कि बाहरी व्यक्ति से हमला करवाने का विचार भी आगे नहीं बढ़ा, जिसके बाद आरोपियों ने खुद वारदात की योजना बनाई।
फिल्में, पॉडकास्ट और चैटबॉट
जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने अपराध से जुड़ी फिल्में देखीं, पुलिस से बचने पर पॉडकास्ट सुने और योजना बनाते समय AI चैटबॉट का इस्तेमाल किया। केतन को फंसाने के लिए एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाने का भी आरोप है।
चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि 6 जून को प्री-वेडिंग शूट के दौरान केतन का पासपोर्ट कथित तौर पर फाड़कर एक कैफे के वॉशरूम में फेंक दिया गया था। ये सभी आरोप अभी अदालत में साबित होने बाकी हैं।
डिजिटल सबूत बन रहे निर्णायक
यह मामला दिखाता है कि आज की जांच में फोन चैट, सर्च हिस्ट्री और सोशल मीडिया गतिविधि कितनी अहम हो गई है। अपराधी सोचते हैं कि तकनीक उन्हें बचा लेगी, लेकिन वही डिजिटल निशान अक्सर उनके खिलाफ सबसे मजबूत सबूत बन जाते हैं।
साथ ही यह परिवारों के लिए भी एक चेतावनी है। रिश्तों में अचानक बदलाव, संदिग्ध व्यवहार या दबाव के संकेत दिखें तो खुलकर बात करना और जरूरत पड़ने पर मदद लेना जरूरी है।
अब अदालत में होगी परीक्षा
चार्जशीट दाखिल होने के बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू होगी। आरोपियों को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है और अंतिम फैसला अदालत करेगी।
स्रोत और आगे पढ़ें
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों की जानकारी के आधार पर EngBen ने अपने शब्दों में तैयार किया है। आरोपित व्यक्ति अदालत में दोष साबित होने तक निर्दोष माने जाते हैं। कीमतें एक्स-शोरूम हैं और बदल सकती हैं।